मंगलवार, 7 फ़रवरी 2017

क्यों न किया जाए चीन का विरोध!


एक बार फिर चीन द्वारा अपनी दोस्ती की मिसाल पेष की गई। चीन ने अपने दोस्त पाकिस्तान में पल रहे आतंकी मसूद अजहर को एक बार फिर यूएन की आतंकियों की लिस्ट में भेजने में अडंगा अटका दिया। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि चीन इस तरह की हरकत कर चुका हैं, ऐसा वो कई बार करके अपने दोस्त पाकिस्तान के साथ हमेषा खड़ा नजर आया। अब सोचने का वक्त आ गया है कि आखिर क्यों हम चीन की इस हरकत को बार-बार नज़रअंदाज करें?
चीन भारत में अपने उत्पाद बहुत ही आसानी से बेचना है और भारत के साथ करोड़ों-खबरों का व्यापार करता है। सोचने की बात यह है जितना पैसा चीन भारत से व्यापार करके कमाता है, उस पैसों को वो भारत के खिलाफ ही पाकिस्तान की मदद से भारत को कमजोर करने में करता है। क्या हमें ऐसा करने से चीन को नहीं रोकना चाहिए?
अगर भारत में चीन के उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई जाए, तो चीन को इसका भारी नुकसान तो होगा ही, वो सोचने पर मजबूर भी हो जाएगा कि पाकिस्तान के साथ उसकी दोस्ती उसे किस राह पर ले जा रही है जो उसको आर्थिक और व्यापारिक नुकसान पाकिस्तान की मदद करने से झेलना पड़ रहा है। हम मानते हैं कि षायद भारत सरकार चीन के उत्पादों पर रोक न लगा सके, पर भारतीय होने के नाते, क्या हमको नहीं सोचना चाहिए कि हम मेड इन चायना या कहे चीन द्वारा बनाए गए उत्पादों को क्यों खरीदें और उन्हें इस्तेमाल करें?
हम जो चीन द्वारा बनाए गए उत्पादों को खरीदते हैं, वो पैसा चीन पहुंचकर, चीन उसी पैसे से पाकिस्तान की मदद कर भारत के ही खिलाफ, भारत की उम्मीदों को यूएन में बार-बार अडंगा अटका कर रोक देता है। अगर हम धीरे-धीरे चीनी उत्पादों को खरीदना बंद करें और भारतीय उत्पादों को और ज्यादा बढ़ावा दें और चीनी माल की जगह भारतीय उत्पादों को ज्यादा तवज्जों दे ंतो इस कदम से हम चीन को आर्थिक और व्यापारिक रूप से कमजोर कर सकते हैं और उसे ये एहसास दिला सकते हैं कि पाकिस्तान की मदद करके वो किस हद तक अपना खुद का ही आर्थिक और व्यापारिक नुकसान कर रहा है।
चीन एक बार सोचने पर जरूर मजबूर होगा कि क्या वह यूएन में आतंकी मसूद अजहर के बैन पर अडंगा अटकाकर और बार-बार पाकिस्तान का साथ देकर क्या वह ठीक कर रहा है?
वक्त आ गया है दोस्तों की हम चीन को दिखाएं कि भारत के नागरिक, भारत के साथ हैं और वो भारत के ऊपर बूरी नज़र रखने वाले पाकिस्तान के करीबीयों को बर्दाष्त नहीं करेगा। हम भारतीय होने के नाते, उसके उत्पादों को कम से कम खरीदे और इस्तेमाल करें और चीनी उत्पादों को न करें तो चीन को जो भारत से आय प्राप्त होती हैं, वो उस आय का इस्तेमाल पाकिस्तान के साथ भारत के खिलाफ करने में हजार बार सोचेगा।


एक बार जरूर सोचों दोस्तों.... कृप्या अपनी राय जरूर दें।

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